आ से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द (Paryayvachi Shabd) हिंदी भाषा में एक ही अर्थ को व्यक्त करने के लिए अलग-अलग शब्दों का प्रयोग किया जाता है। समान या मिलते-जुलते अर्थ वाले इन शब्दों को पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहा जाता है। विद्यार्थियों के लिए पर्यायवाची शब्द हिंदी व्याकरण का महत्वपूर्ण भाग हैं और किसी भी प्रतियोगी परीक्षा (जैसे UPSC, CTET, REET, SSC, UP Police) या स्कूली परीक्षाओं में हिंदी व्याकरण के अंतर्गत पर्यायवाची शब्द अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। इस लेख में आ से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण…
Read MoreTag: हिंदी व्याकरण
अ से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द (Paryayvachi Shabd)
अ से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द (Paryayvachi Shabd) हिंदी भाषा में एक ही अर्थ को व्यक्त करने के लिए अलग-अलग शब्दों का प्रयोग किया जाता है। समान या मिलते-जुलते अर्थ वाले इन शब्दों को पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहा जाता है। विद्यार्थियों के लिए पर्यायवाची शब्द हिंदी व्याकरण का महत्वपूर्ण भाग हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इनसे संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस लेख में अ से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द उनकी सरल सूची के साथ दिए गए हैं। यह सूची स्कूल के विद्यार्थियों, हिंदी…
Read Moreअधिकरण कारक (सप्तमी विभक्ति): परिभाषा, उदाहरण, सूत्र एवं नियम
अधिकरण कारक (सप्तमी विभक्ति) संस्कृत व्याकरण का महत्वपूर्ण कारक है। इसमें जिस स्थान या आधार में कोई कार्य होता है, उसे अधिकरण कहते हैं। इसका प्रयोग मुख्यतः ‘में’ और ‘पर’ के अर्थ में होता है। १. सूत्र— “आधारोऽधिकरणम्, सप्तम्यधिकरणे च।” नियम— जिस स्थान या वस्तु में कोई कार्य होता है, उसे अधिकरण कहते हैं और अधिकरण में कोई कार्य होता है जिसका चिह्न ‘में’ या ‘पर’ है। बालक विद्यालये पठति। (बालक विद्यालय में पढ़ता है।) यहाँ बालक का कार्य विद्यालय में हो रहा है। स्थाल्यां तण्डुलान् पचति। (बटलोई में चावल…
Read More