सम्बन्ध कारक (षष्ठी विभक्ति) की परिभाषा, पहचान, नियम और संस्कृत में उदाहरण सरल भाषा में जानें। षष्ठी विभक्ति के प्रयोग को उदाहरण सहित समझें। जिस शब्द से दो या दो से अधिक संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों के बीच स्वामित्व, सम्बन्ध, अंग-भाग, गुण, तुलना, विशेषता, कारण आदि का सम्बन्ध प्रकट होता है, वहाँ सामान्यतः षष्ठी विभक्ति का प्रयोग होता है। इस प्रकार षष्ठी विभक्ति से सम्बन्ध प्रकट होने पर उसे सम्बन्ध कारक कहते हैं। १. सूत्र- “षष्ठी शेषे।” नियम- जो बात अन्य विभक्तियों द्वारा प्रकट नहीं हो सकती उसे प्रकट करने…
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