सम्प्रदान कारक क्या है? चतुर्थी विभक्ति के नियम व उदाहरण सम्प्रदान कारक वह कारक है जिससे किसी कार्य के लिए जिस व्यक्ति या वस्तु को कुछ दिया जाए, जिसके लिए कार्य किया जाए, या जिसे लाभ/उद्देश्य प्राप्त हो, उसका बोध होता है। संस्कृत में इसके लिए चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग किया जाता है। १. सूत्र- “कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्।” (चतुर्थी सम्प्रदाने) नियम- जिसको कोई वस्तु दी जाती है या जिसके लिए कोई कार्य किया जाता है, उसमें सम्प्रदान कारक होता है और सम्प्रदान कारक में चतुर्थी विभक्ति होती है। इसका…
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