प्रेरक कहानी: पापा ने दिखाया मेहनत का रास्ता

एक गांव में बारह वर्षीय बालक जिसका नाम दीपक है अपने परिवार के साथ रहता था । एक दिन दीपक के पिताजी खेत में काम कर रहे थे । तभी दीपक वहां पहुंच गया । वह खेत में बीज डाल रहे थे । दीपक ने जिज्ञासावश पूछा, ’पिताजी आप इन बीजों को जमीन पर क्यों फेंक रहे हैं?’ पिताजी दीपक का सवाल सुनकर हंसने लगे । वह बोले, ’बेटे, मैं बीज फेंक नहीं रहा हूं, उन्हें बो रहा हूं । ‘अभी दीपक आगे प्रश्न पूछता, तभी पिताजी बोल पड़े ।…

Read More

आध्यात्मिक कहानी । दूसरों के लिए गड्ढा खोदोगे, तो खुद गिरोगे

adhyatmi kahani

एक भक्त कई वर्षों से भगवान की नित्य प्रार्थना कर रहा था । एक दिन भगवान उसकी प्रार्थना से खुश हो गये, और उसे दर्शन दिए । वह भक्त से बोले, “मैं तुझ से प्रसन्न हूं, जो भी चाहे वरदान मांग लो । पर एक शर्त है कि तू जो मांगेगा, उससे ठीक दूना पड़ोसी को मिलेगा ।” अब भक्त सोच में पड़ गया । उसका वर मांगने का उत्साह ही फीका पड़ गया । वह तो सोच रहा था कि वर लेकर पड़ोसियों को पीछे कर दूंगा । यहां…

Read More

नैतिक कहानी : चाय की केतली

एक लड़का था । उसके माता-पिता बचपन में ही गुजर गए थे । वह अपनी नानी के पास रहता था । उसकी नानी ने उसका पालन-पोषण किया था । वह थोड़ा बड़ा हुआ तो मेहनत करके घर में कुछ पैसे लाने लगा । वह बहुत मेहनती था । अपनी मेहनत की कमाई से वह घर में कई चीजें ले आया । अब उनके घर में हर चीज थी । नानी और वह आराम से रहने लगे । उनके इलाके में एक चोर सब कुछ देखता रहता था । उसकी नजर…

Read More

शिक्षाप्रद कहानी । कम नहीं हुआ पिता का प्यार

Fathers love

उन दिनों शहर में स्थित एक वृद्ध आश्रम में नौकरी कर रहा था । एक दिन अश्वनी नाम का एक मित्र मेरे पास एक वृद्ध के साथ आया उसने कहा इनका अपना कोई नहीं है । यदि उन्हें यहां जगह मिल जाए तो कल्याण हो जाएगा । मैंने तुरंत प्रबंधक से कहकर उन्हें ठिकाना दिला दिया और उनके थैले को अलमारी में सुरक्षित रख दिया । कुछ दिनों के बाद उनकी मृत्यु हो गई । पता चला कि उन्हें रक्त कैंसर था, जिसकी अंतिम अवस्था चल रही थी । आश्रम…

Read More

आध्यात्मिक कहानी: भगवान का न्याय

एक भक्त रोज मंदिर जाता और भगवान से पूछता, ‘भगवान! आपने हमें गरीब और दुखी क्यों बनाया?’ हमें जवाब दो भगवान ! जब भक्त कोई जवाब नहीं पाता, तो वह भगवान को एक थप्पड़ मार कर घर चला आता । भक्त का यह क्रम कई वर्षों तक चलता रहा । एक रोज जैसे ही भक्त ने भगवान को थप्पड़ मारने के लिए हाथ उठाया, तो भगवान ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोले, ‘बस करो । बहुत मार लिया । मैं तुम्हारे धैर्य की परीक्षा ले रहा । आज तुम…

Read More

शिक्षाप्रद कहानियां । Shikshaprad kahaniyan hindi

Shikshaprad kahaniyan hindi

शिक्षाप्रद कहानी: कैसी विवशता? कई वर्षों के बाद इतनी भीषण गर्मी पड़ रही थी । सभी लोग परेशान थे । इस वृद्धि की अचानक आंख खुली, तो उन्होंने खुद को पसीने में तर बतर पाया । शायद बिजली जा चुकी थी । पर उनकी पत्नी बीमारी की वजह से अभी भी सोई पड़ी थी । ‘बेटा राकेश, इनवर्टर चालू कर देना ।’ एक मार्मिक स्वर उभरा ।’ साथ ही बुढ़िया की भयंकर खांसी से वातावरण गूंज उठा । पिछले कई दिनों से बृद्धा की हालत ठीक नहीं थी । ‘बैटरी…

Read More

आध्यात्मिक कहानी: सत्संग का असर

डाकुओं का एक सरदार था, जो अपने दल के लोगों को कहता था कि भाई जहां कथा-सत्संग होता हो वहां कभी मत जाना, नहीं तो तुम्हारा काम बंद हो जाएगा । कहीं जा रहे हो, बीच में कथा होती हो, तो अपना कान बंद कर लेना । एक दिन एक डाकू कहीं जा रहा था । रास्ते में एक जगह सत्संग हो रहा था । अपने सरदार के कहे अनुसार उसने कान को दवा लिया और आगे बढ़ गया । चलते हुए अचानक उसके पैर में एक कांटा चुभ गया…

Read More

दृष्टांत कथाएं । Drishtant Katha in hindi

Drishtant Katha in hindi

दृष्टांत कथा- ये दरवाजा भी बंद हो जाए तो  संत फरीद के पास एक धनी व्यक्ति आया और अपना आलीशान महल दिखाने की जिद करने लगा । संत फरीद उसके आग्रह को टाल न सके । संत फरीद ने महल देखा और अकस्मात हंसने लगे । उस धनी व्यक्ति से रहा नहीं गया । उसने तुरंत संत फरीद को समझाते हुए कहा, ‘शायद आपको पता नहीं हैं, सुरक्षा की दृष्टि से यह महल अद्वितीय है । मैंने सारे दरवाजे बंद करके सिर्फ एक ही दरवाजा महल में रहने दिया है,…

Read More

3 Short Moral Stories in Hindi

नैतिक कहानियां । Moral Stories in hindi

नैतिक कहानी: मैं किसान का बेटा हूं, वह पीएम का ——*—— इंग्लैंड के प्रधानमंत्री ग्लैडस्टन एक किसान के पुत्र थे । वह अत्यंत सादा जीवन व्यतीत करते थे । वह अपने कपड़े भी खुद ही साफ करते थे । एक बार वे रेल में सफर कर रहे थे । एक स्टेशन पर एक अखबार का संपादक उनसे मिलने आया । उसका ख्याल था कि प्रधानमंत्री अवश्य ही प्रथम श्रेणी के डब्बे में होंगे । इसलिए उसने प्रथम श्रेणी के तीन डिब्बों में उनकी खोज की, पर वे नहीं मिले ।…

Read More

नैतिक कहानी: दूसरों पर दया करो फल जरूर मिलेगा

naitik kahani in hindi

किसी गांव में एक जमीदार रहता था । उसके पास सैकड़ों बीघा जमीन थी । घर में सारे सुख के साधन थे । नौकर हमेशा मालिक की सेवा में लगे रहते थे । गांव के निकट ही एक मंदिर था, जहां एक भिखारी बैठा रहता था । वह भिखारी दो दिन से भूखा था । किसी ने उसे खाना नहीं दिया था । एक दिन जमीदार अपने नौकरों के साथ वहां से गुजर रहे थे कि उनकी नजर उस भिखारी पर पड़ी । जमीदार को देखते ही भिखारी बोला- ‘मालिक…

Read More