हमारे एक पड़ोस के ताऊ जी सरकारी सेवा से अवकाश प्राप्त है । वह हमेशा कहते हैं कि जब तक जेब में छह हजार रूपए नहीं रहते, मुझे चैन नहीं रहता । लिहाजा हमेशा उनकी जेब में इतने रूपए मौजूद रहते । कई लोगो को समय पड़ने पर वह मदद भी कर देते थे । इसलिए हमें भी उनकी यह आदत बुरी नहीं लगती थी । एक दिन सुवह जब हम दुध लेने दूधवाले के पास पहुंचे, तो वह भेस दुहने की तयारी कर रहा था । हमारे पहुँचते ही…
Read MoreAuthor: hindigarima
दुर्भाग्य एक प्रेरणादायक कहानी
आज राधेश्याम बहुत खुश था । उसे बहुत दिनों के बाद मेहनत का फल मिल गया था । उसे बाराणसी के एक विद्यालय में बतौर अध्यापक निक्युत कर लिया गया था । राधेश्याम की ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं था । अगले ही दिन वह अपनी माँ से आशीर्वाद लेकर मंजिल की और चल पड़ा । वह वाराणसी जाने वाली बस में सवार हो गया । तभी रस्ते में बस की टक्कर एक ट्रक से हो गई अन्य यात्री के साथ राधेश्याम को भी चोटें आयीं । जब उसे होश…
Read Moreआध्यात्मिक कहानी । और देवी पार्वती चुप हो गईं
एक बार शंकर जी और माता पार्वती स्वर्ग की सैर पर निकले । पार्वती जी ने दूर एक आदमी को भूख से तड़पते देखा । उसे तड़पते हुए देखकर भी भगवान शंकर आगे बढ़ गए । पार्वती जी से रहा नहीं गया । उन्होंने इस पर प्रश्न किया कि आखिर क्यों भगवान शंकर ने उस आदमी के प्रति दया नहीं दिखाई जबकि उन्हें तो करुणा का सागर कहा जाता है । शंकर भगवान बोले, ‘तुम जानती नहीं हो, देवी । मनुष्य की आदत है अपने मन के बहकावे में आ…
Read Moreशिक्षाप्रद कहानी । ज्ञान निधि का संरक्षण धर्म है
ह्वेनसांग भारत का परिभ्रमण कर जहाज से वापस चीन जा रहा था । उसेके साथ ग्रंथों से भरी एक पेटिका भी थी । जहाज अभी कुछ ही दूर गया था की तूफान मैं फंस गया । जहाज के डगमगाने पर प्रधान नाविक ने यात्रिओं से फालतू सामान बिना देर किये समुद्र में फेकने की अपील की । तत पश्चात नाविक ने ह्वेनसांग को भी उसे पेटिका को फेकने को कहा । ह्वेनसांग असमंजस में पड़ गया क्योंकि यह उसकी भारत यात्रा की एक मात्र पूंजी थीं । इसलिए उसने उस…
Read Moreशिक्षाप्रद कहानी । तब मैंने जाना पानी का मोल
बात चार साल पहले की है । मैंने इंटर पास करके स्नातक मैं दाखिले के लिए फॉर्म भरा था, जिसकी प्रवेश कक्षा के लिए हमें पटना जाना था । सुबह नौ बजे की ट्रैन थी । हमने सारी तैयारी कर ली थी । पर हमें बहार का खुला पानी पीने की आदत नहीं थी, इसलिए बोतल मैं घर का पानी भी भर लिया था । उस दिन गर्मी का प्रकोप कुछ अधिक था । जब ट्रैन चल पड़ी और थोड़ी देर के बाद हमें प्यास लगी, तब हमें पता चला…
Read Moreशिक्षाप्रद कहानी । सादगी ही मनुष्य का आभूषण है
महान पुरुषों का एक प्रमुख गुण सादगी माना जाता है । देश के चर्चित प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी इतने ऊंचे ओहदे पर होने के बाद भी एक सहिष्णु एवं सादगी पूर्ण जीवन जीते थे । उनके जीवन की कई ऐसी घटनाएं हैं, जो आज भी हमारे लिए प्रेरणादाई हैं । ऐसी ही एक घटना है । एक बार वह कार से कहीं जा रहे थे । रास्ते में खेतों का हरियाली पूर्ण दृश्य काफी मनोहर लग रहा था । अचानक उनकी नजर चने के खेत पर पड़ी । उन्होंने…
Read Moreआध्यात्मिक कहानी । गौ महिमा और संत का मूल्य
एक दिन च्यवन ऋषि संगम में खड़े होकर तपस्या कर रहे थे । एक बार मछुआरों ने संगम में बहुत बड़ा जाल लगाया । जब उन्होंने जाल को बाहर खींचा, तो उसमें कई जलीय जंतुओं के साथ ऋषि को भी देखा । जब मछुआरों ने ऋषि को देखा, तो हाथ जोड़कर उनसे माफी मांगने लगे । पर ऋषि ने कहा कि इन जीवो को छोड़ दो, तभी मैं भी जीवित रह पाऊंगा । यह बात राजा नहुष तक पहुंची । राजा ऋषि के प्रताप से परिचित थे । वह दौड़े-दौड़े…
Read Moreआध्यात्मिक कहानी । चरण चिन्ह
वह व्यक्ति पेशे से ज्योतिषी था यही कारण था कि गीली रेत पर बने हुए चरण-चिन्हों को देखकर वह पहचान गया कि यह रेखाएं किसी सम्राट की ही हो सकती हैं । यही नहीं कुछ पैसे की कमाई की लालसा से वह लोगों को इस बारे में बताने भी लगा । लेकिन यह सोचकर उसके दिमाग में सवाल कौंधा कि भला सम्राट इस भरी दोपहरी में नदी के पास क्या करने आएंगे? इसी उधेड़बुन में डूबे ज्योतिषी महोदय चरण-चिन्हों का पीछा करते हुए एक झोपड़ी के पास पहुंचे, जहां आकर…
Read Moreशिक्षाप्रद कहानी: जब झेप गया बिगड़ैल आदित्य
शिक्षाप्रद कहानी: मेरे पड़ोस में रहने वाले आदित्य को खुद पर बहुत घमंड था । वह अपने पिता का इकलौता पुत्र था इसलिए घर में उसे बड़ा दुलार मिलता था । वह किसी से विनम्रता से बात नहीं करता था । अपने से बड़ों के साथ थी वह बदतमीजी करता रहता था । जो उसकी बात नहीं मानता था, उसे मारता भी था । बाइक तो कभी भी 60 से कम नहीं चलती थी । जब वह गाड़ी लेकर सड़क पर आता था, तो लोगों की दिल की धड़कनें बढ़…
Read MoreNaitik Kahani । मछली की चतुराई
तालाब में ढेर सारी मछलियां रहती थी । एक दिन अचानक वहां एक बगुला आ गया और उसने झटपट कई मछलियों का शिकार कर लिया । यह देखकर मछलियों में हड़कंप मच गया । सारी मछलियां भयभीत हो गयीं । सारी मछलियां शाम को एकत्रित हुए और उस बगुले से छुटकारा पाने का उपाय सोचने लगी । तभी सुकन्या नाम की एक छोटी मछली ने कहा, ‘मेरे पास बगुले को भगाने का आईडिया है ।’ पूछने पर उसने अपनी योजना कह डाली । अगली सुबह जब बगुला खुशी से मछलियां…
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