एक दिन भगवान श्री कृष्ण,अपनी बहन द्रोपदी के साथ शाम की सैर कर रहे थे। द्रोपदी जी भगवान श्रीकृष्ण से बोली, ‘भैया, मैंने तो सुना है कि आप हर जगह मौजूद रहते हैं। पर उस समय आप कहां थे, जब दु:शासन मेरा चीर हरण कर रहा था?’ श्री कृष्ण पहले मुस्कराए और फिर बोले,’बहन, जब दु:शासन तुम्हारा चीर हरण कर रहा था, तब तुम अपनी साड़ी को दोनों हाथों से पकड़कर बचने का प्रयास कर रही थी। थोड़ी देर की जद्दोजहद के बाद जब तुम्हारा जोर नहीं चला, तो तुमने…
Read MoreYear: 2023
Spiritual Stories in hindi, आध्यात्मिक लघु कहानियां
आध्यात्मिक लघु कहानी:- वह मजबूत बना है, यही विधान है एक बार भगवान शंकर व माता पार्वती टहल रहे थे । पार्वती ने अपनी शंका समाधान के लिए पूछा, ‘प्रभु क्या कारण है कि आप बने हुए को बनाते हैं और बिगड़े हुए को बिगड़ते हैं? जो पहले से ही धनवान है और उसे और अधिक धनवान बनाते हैं ।’ शंकर जी ने कहा यह बात आपको समझ में नहीं आएगी।’ पार्वती जी ने कहा, ‘भला ऐसी कौन सी बात है, जो मेरे समझ में नहीं आएगी । आप बताइए…
Read Moreआध्यात्मिक कहानी-अगर वह भिखारिन ना आती तो
आध्यात्मिक कहानी: हमारे मोहल्ले में एक भिखारिन रोज सुबह-सुबह आती है और हर घर के दरवाजे पर जाकर आवाज लगाती है। उसे मोहल्ले के हर घर से कुछ ना कुछ मिल जाता है। एक बार की बात है, हमारे पड़ोस के एक घर में भीषण चोरी हो गई। रात से ही पुलिस अपनी छानबीन कर रही थी। हर दिन की भांति वह आई और भीख मांगने लगी। लेकिन पुलिस की गाड़ी और पुलिस वालों को देख कर ठिठक गई। मैं भी अपने परिवार के साथ बाहर खड़ा था। उसने अचरज…
Read MoreShattila Ekadashi: जानिए षटतिला एकादशी का महत्व और पूजाविधि
षटतिला एकादशी पर दे तिल की यज्ञ आहुति षटतिला एकादशी के दिन व्रत पूजन करने से मन के कलुषित विचार नष्ट होते हैं। इस व्रत में तिल का विशेष महत्व है। षटतिला एकादशी का महत्व माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यह एकादशी समस्त पापों को नष्ट करने वाली तथा दिव्य उत्कृष्ट गुणों को प्रदान करने वाली है। इस एकादशी व्रत एवं पूजन करने वाले मनुष्यों के मन के सारे कलुषित विचार नष्ट हो जाते हैं और वह राग, द्वेष रहित…
Read More