आध्यात्मिक लघु कहानी:- वह मजबूत बना है, यही विधान है एक बार भगवान शंकर व माता पार्वती टहल रहे थे । पार्वती ने अपनी शंका समाधान के लिए पूछा, ‘प्रभु क्या कारण है कि आप बने हुए को बनाते हैं और बिगड़े हुए को बिगड़ते हैं? जो पहले से ही धनवान है और उसे और अधिक धनवान बनाते हैं ।’ शंकर जी ने कहा यह बात आपको समझ में नहीं आएगी।’ पार्वती जी ने कहा, ‘भला ऐसी कौन सी बात है, जो मेरे समझ में नहीं आएगी । आप बताइए…
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Shattila Ekadashi: जानिए षटतिला एकादशी का महत्व और पूजाविधि
षटतिला एकादशी पर दे तिल की यज्ञ आहुति षटतिला एकादशी के दिन व्रत पूजन करने से मन के कलुषित विचार नष्ट होते हैं। इस व्रत में तिल का विशेष महत्व है। षटतिला एकादशी का महत्व माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यह एकादशी समस्त पापों को नष्ट करने वाली तथा दिव्य उत्कृष्ट गुणों को प्रदान करने वाली है। इस एकादशी व्रत एवं पूजन करने वाले मनुष्यों के मन के सारे कलुषित विचार नष्ट हो जाते हैं और वह राग, द्वेष रहित…
Read Moreदुनिया की आश्चर्यजनक लाइब्रेरियों में से एक है रामपुर की रजा लाइब्रेरी
रामपुर रजा लाइब्रेरी: अनमोल साहित्य मिलता है यहां वैसे तो रामपुर नवाबों के लिए मशहूर है, लेकिन रामपुर को जाना जाता है, यहां स्थित रजा लाइब्रेरी से। पश्चिम उत्तर प्रदेश में शहर के बीचो-बीच आलीशान किले में बनी इस लाइब्रेरी में न सिर्फ रामपुर के इतिहास की हिफाजत की है, बल्कि इसने दुनिया भर की तारीख को समेटा हुआ है। 75 हजार से ज्यादा किताबें 16 हज़ार बेशकीमती पांडुलिपियां, हाथी दांत पर अकबर और उनके नौ रत्नों की तस्वीरें इस नायाब धरोहर की कहानी खुद ब खुद बयां कर देती…
Read MoreTulsi Vivah: तुलसी विवाह से कटेंगे सारे पाप
जानें क्यों होती है तुलसी और शालीग्राम का विवाह तुलसी विवाह से कटेंगे सारे पाप हिंदू संस्कृति में जिस तरह एकादशी व्रत का महात्म्य है, ठीक उसी तरह शालिग्राम व तुलसी विवाह भी कार्तिक शुक्ल एकादशी को कराने की परंपरा है। इसके संबंध में स्वयं श्री हरि कहते हैं, “जो व्यक्ति इस दिन तुलसी विवाह करवाता है, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है तथा उसे कन्यादान करने का सौभाग्य मिलता है।” तुलसी विवाह में गाजे-बाजे के साथ एक सुंदर मंडप के नीचे विवाह संपन्न किया जाता है और…
Read MoreChhath Puja: सूर्य की कृपा पाने का पर्व छठ
नहाए-खाए के साथ ही छठ पर्व आरंभ हो जाता है। खरना और सभी श्रद्धालु जलाशय के तट पर डूबते और अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ देकर खुशहाली की कामना सूर्यदेव से करते है। छठ पूजा का महत्वा वेदों और पुराणों में भगवान सूर्य को प्रमुख स्थान दिया गया है। इन्हें सूर्य नारायण की भी कहा गया है और बताया गया है कि इनकी कृपा साधक के जीवन में उन्नति कीर्ति और आरोग्यता लेकर आती है। इन्हीं को समर्पित है देश का महान लोक पर्व छठ। चार दिनों का यह…
Read MoreGopashtami Puja (गाय पूजन): गाय की पूजा करने से मिलता है अपार पुण्य
गौ पूजन से मिले अथाह पुण्य हिंदू शास्त्रों में गौमाता को परम पूजनीय कहा गया है। दरअसल उनके पूरे शरीर में समस्त देवताओं, गंधर्वों, ऋषि-मुनियों आदि का निवास होता है। इसलिए इनकी पूजा से पुण्य मिलता है। गोपाष्टमी पूजा या गोपाष्टमी व्रत कार्तिक शुक्ल अष्टमी को मनाया जाता है। गोपाष्टमी का पर्व पूरी तरह से भगवान श्री कृष्ण और उनकी प्रिय गायों को समर्पित है। पुराणों के अनुसार गोपाष्टमी के दिन ही भगवान श्री कृष्ण और उनके बड़े भाई बलराम ग्वाले बने थे। इसलिए उनके साथ-साथ गायों की महत्ता बढ़…
Read Moreनैतिक कहानी: दीपावली की खुशियां बांटूंगा
दीपावली के मौके पर मम्मी-पापा हमेशा हिदायत देते कि पटाखे छोड़ते समय हमेशा दूसरों की सुरक्षा का ख्याल रखना चाहिए। इन बातों से बेपरवाह मेँ पटाखे हाथ में लेकर छोड़ता और कभी कभी राहगीरों पर भी पटाखे जलाकर फेंक देता था। पिछले साल मेने ऐसा ही किया था। उस रात गली में हम पटाखे छोड़ रहे थे। कुछ देर तक पापा हमारे साथ खड़े रहे और फिर हमें हिदायत देते हुए अंकल के साथ घर में चले गए। हमारे मुहल्ले में कई लोगों का आवागमन चल रहा था। तभी एक…
Read Moreनैतिक कहानी: दशहरे का मेला
दशहरे का मेला मुहल्ले के बच्चों के साथ माला भी दशहरे का मेला देखने गई। मेले में तरह-तरह के झूले व् सर्कस लगे थे। खिलौनों की दुकाने सजी हुई थी। रंग बिरंगे गुब्बारे तथा तरह-तरह की मिठाइयों से सजी दुकानें उसे बहुत अच्छी लगीं। वह चाट खाने के लिए ठेले के पास खड़ी हुई, तभी एक चोर उसका पर्स ले भागा। वह चाट भी नहीं खा पाई। सारे बच्चे जो उसके साथ गए थे, उसका साथ छोड़कर चल दिए। वे मिठाइयों, आइसक्रीम और समोसे का लुफ्त उठा रहे थे। अर्चना…
Read Moreशरद पूर्णिमा: अमृत बरसता है शरद पूर्णिमा की रात
शरद पूर्णिमा की रात आकाश से अमृत वर्षा की बात शास्त्रों में की गई है। इस दिन लक्ष्मी पूजा के अलावा नैवेध को भी चांद की रोशनी में रखने का विधान है। दीपावली के ठीक 15 दिन पहले शरद पूर्णिमा आती है। शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रमा की किरणों के साथ अमृत बरसता है। इस रात धन और उन्नति की देवी लक्ष्मी पृथ्वीलोक का दौरा करती हैं और अनुकूल जगह पाकर वहां सुख समृद्धि का आशीर्वाद देती है। सूर्य के बाद चंद्रमा को सर्वाधिक प्रभावशाली ग्रह…
Read Moreदृष्टांत कथा: हतप्रभ हुए हनुमान
भगवान सर्वत्र व्याप्त है। यदि भावना निःस्वार्थ हो, तो प्रभु स्वयं ही भक्त के हो जाते है। ऐसा ही प्रसंग है रामायण का। जब भक्त प्रवर हनुमान संजीवनी बूटी लाने पर्वत गए थे। पर्वत की परिक्रमा पूरी करने के बाद भगवान हनुमान ने जैसे ही शीश झुकाया, उन पर आकाश से दिव्य सुगंधित पुष्पों की वर्षा होने लगी और दिव्य वाद्यों की कर्णप्रिय ध्वनि चरों ओर गूंजने लगी। उन्हें एक ममतामयी मधुर वाणी सुनाई पड़ी,’वत्स हनुमान, तुम्हारी जय हो। तुम्हारे कार्य सदा सुसम्पन्न होगें।’ हनुमान जी ने सिर उठाकर देखा…
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