आध्यात्मिक कहानी: हमारे मोहल्ले में एक भिखारिन रोज सुबह-सुबह आती है और हर घर के दरवाजे पर जाकर आवाज लगाती है। उसे मोहल्ले के हर घर से कुछ ना कुछ मिल जाता है। एक बार की बात है, हमारे पड़ोस के एक घर में भीषण चोरी हो गई। रात से ही पुलिस अपनी छानबीन कर रही थी। हर दिन की भांति वह आई और भीख मांगने लगी। लेकिन पुलिस की गाड़ी और पुलिस वालों को देख कर ठिठक गई। मैं भी अपने परिवार के साथ बाहर खड़ा था। उसने अचरज…
Read MoreAuthor: Ruchi Sharma
Dhanteras Upay: सुख-समृद्धि के लिए धनतेरस के दिन करें ये उपाय
धनतेरस को शुभ बनाने के लिए करें ये उपाय धनतेरस को नए बर्तन या नई चीजें खरीदने की परंपरा है। यह पर्व हमें अपनी सुख समृद्धि में बढ़ोतरी करने की शिक्षा देता है। इस दौरान यदि पूजा पाठ से संबंधित कार्य किए जाएं, तो दीपावली शुभ हो जाती है। धनतेरस दीपावली के पूर्व आने वाला ऐसा त्यौहार है, जिसमें हम अपनी सुख समृद्धि और संपन्नता में बढ़ोतरी के लिए कुछ क्रियाएं करते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि यदि धनत्रयोदशी यानी धनतेरस से लेकर दीपावली तक कुछ उपाय लगातार…
Read Moreनैतिक कहानी: चूहा और गिलहरी
एक था चूहा और एक थी गिलहरी। चूहा शरारती था दिनभर ची ची करता हुआ मौज उड़ाता। गिलहरी भोली थी। टी टी करती हुई इधर-उधर घूमती रहती। एक दिन दोनों की मुलाकात हो गई। अपनी प्रशंसा करते हुए चूहे ने कहा, मुझे लोग मूषक राज कहते हैं। और गणेश जी की सवारी के रूप में जानते हैं। मेरे पैने-पैने हथियार सरीखे दांत लोहे के पिंजरे को तो क्या किसी भी चीज को काट सकते हैं। मासूम गिलहरी को यह बात सुनकर बड़ा बुरा लगा। बोली, भाई तुम दूसरों का नुकसान…
Read Moreआध्यात्मिक कहानी । गुरु नानक और सच्ची सेवा
एक बार गुरु नानक देव जी यात्रा पर निकले। इस दौरान वह एक गांव में पहुंचे। उनके साथ उनके चार प्रिय शिष्य भी थे। जब नानक जी गांव में पहुंचे, तो उनका खूब स्वागत हुआ। उसी गांव में एक गरीब महिला रहती थी। उसने नानक को शिष्यों सहित अपने घर आने का निमंत्रण दिया। नानक जी तुरंत उस महिला के घर पहुंचे। नानक को अपने घर देखकर महिला की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने बड़े प्यार से उनके लिए शर्बत बनाया। पर उसके घर छन्नी नहीं थी। इसलिए उसने…
Read Moreक्या है कल्पवास और उसका महत्व, मन की शुद्धि के लिए करें कल्पवास
मन की शुद्धि के लिए कल्पवास कल्पवास माघ महीने में किया जाने वाला व्रत होता है, जिसका उद्देश्य अपने मन में उपस्थित विकारों को निकालना और अक्षय पुण्य की प्राप्ति है। एक महीने का यह व्रत पूरे वर्ष को पुण्य मय बना देता है। तीर्थराज प्रयाग का माघ मेला महज नदियों का ही नहीं अपितु आस्था, दर्शन, अध्यात्म और विविध संस्कृतियों का अनूठा संगम है। यह स्नान पर्व एक महीने तक चलता है। इस पर्व के दौरान संगम तट पर कल्प वास करने का पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस…
Read Moreगणेश जयंती यानी तिल चतुर्थी पर गणपति को प्रसन्न कर, करे दोषों का निवारण
गणेश जयंती यानी तिल चतुर्थी । माघ मास की इस तिथि को भगवान श्री कृष्ण ने उपवास रखकर अपने ऊपर लगे आरोप के दोष से मुक्ति पाई थी। गणेश जयंती । माघ महीने की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी के रूप में जानी जाने वाली यह तिथि कई प्रदेशों में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे तेल चतुर्थी भी कहा जाता है। गणेश भगवान हमारे प्रथम पूज्य देवी नहीं हैं, बल्कि वह तो जीवन के हर क्षण में रचने-बसने वाले देवता कहे जाते हैं। इनकी पूजा करने से भक्तों को कोई भी विघ्न…
Read Moreनैतिक कहानी: जैसे को तैसा
एक बार की बात है। एक गांव में गरीब किसान रामू रहता था। उसकी दो बेटियां थी। जब वह अपनी पहली पुत्री का विवाह कर रहा था, तो उसे कुछ बर्तनों की आवश्यकता पड़ी। उसने पास के एक साहूकार से किराए पर कुछ बर्तन ले लिए। विवाह के बाद उसने साहूकार के बर्तन वापस कर दिए, जिनके साथ किसान के छोटे-छोटे बर्तन भी चले गए। जब वह किसान अपने छोटे बर्तनों को लेने गया, तो साहूकार ने कहा, ‘नहीं, ये तो मेरे बर्तनों के छोटे बच्चे हैं।’ यह कहकर उसने…
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