जाने, सूर्य के हर राशि में भ्रमण के अनुरूप जातक के लाभ एवं हानि।

सूर्य के हर राशि में भ्रमण के अनुरूप जातक के लाभ एवं हानि

सूर्य हर राशि में एक-एक महीने तक भ्रमण करता है और उसी के अनुरूप जातक को लाभ एवं हानि होती है। वैसे पंचम भाव में सूर्य हानि देता है और अगर यह छठे भाव में हो, तो जातक के जीवन में खुशियां आती हैं। आधुनिक युग में भी ज्योतिष शास्त्र का महत्वपूर्ण स्थान है। दरअसल अपनी व्यस्त होती जा रही दिनचर्या में लोग कई बार परेशानियों से घिर जाते हैं, जिनसे निजात पाने के लिए वह या तो ईश्वर की शरण लेते हैं या ज्योतिष जैसी विधियों की। अगर गौर…

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जन्म नक्षत्र से संबंधित वृक्ष पूजन से होती है नक्षत्रों की शांति

जन्म नक्षत्र से संबंधित वृक्ष पूजन से होती है नक्षत्रों की शांति

जन्म समय के नक्षत्र विशेष से संबंधित वृक्ष पूजन से होती है नक्षत्रों की शांति प्रत्येक जातक जिस राशि में जन्म लेता है, उस राशि में जन्म समय पर उसका एक निर्धारित नक्षत्र होता है। यह नक्षत्र व्यक्ति की संपूर्ण जीवन को प्रभावित करता है। इसके कारण उसे शुभाशुभ फल भोगने पड़ते हैं। ऐसे में उस नक्षत्र विशेष से संबंधित वृक्षों एवं पौधों की पूजा-अर्चना द्वारा उनकी अशुभता दूर करने का उपाय किया जा सकता है। जैसे कि- नक्षत्रों से सम्बंधित पेड़ पौधे 1- अश्विनी नक्षत्र में जन्मे जातक प्रतिदिन…

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सकारात्मक ग्रहों से संबंधित रत्नों को धारण करने से मिलता है सर्वोत्तम लाभ

Gems ring

ज्योतिष शास्त्र का एक सामान्य नियम है कि आपकी कुंडली में जो भी ग्रह शक्तिशाली हैं यह सर्वाधिक अनुकूल फल देने वाला हो, जिन ग्रहों का आप पर सकारात्मक असर होता है, उन ग्रहों से संबंधित रत्नों को धारण कर या उनका उपयोग कर आप सर्वोत्तम लाभ के अधिकारी बन सकते हैं। पेश है ऐसी ही कुछ सलाहें 1) यदि आपका सूर्य ग्रह अशुभ स्थिति में है या शुभ भाव, मित्र राशि में हो, तो आपके लिए अम्बर रत्न, फ्लोराइट और क्रिसोलाइट धारण करना अच्छा रहेगा। अंबर जहां नकारात्मक भावों…

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हस्तरेखा से जाने आप को संपत्ति में निवेश करना चाहिए या नहीं

Lines on the palm of the hand

धन के मामले में अधिकांश लोग भाग्य को प्रबल मानते हैं। हस्तरेखा शास्त्र या ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह काफी हद तक सही भी है। इस बारे में हस्तरेखा शास्त्र में काफी बातें बताई गई है। 1) यदि भाग्य रेखा एक से अधिक हो और जीवन रेखा गोल हो, तो व्यक्ति को संपत्ति में निवेश करना चाहिए। इससे निवेश का तुरंत परिणाम मिलता है। 2) अंगुलियां लंबी हों, तो हृदय व मस्तिष्क रेखा एक हो, जीवन रेखा गोल हो और भाग्य रेखा मस्तिष्क रेखा पर रुकी हो, तो संपत्ति में…

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बृहस्पति ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए करें ये उपाय

बृहस्पति ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए करें ये उपाय

ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जन्म कुंडली में सभी ग्रह विभिन्न राशियों में स्थति विभिन्न भावों के स्वामित्व, अन्य ग्रहों के साथ युति व दृष्टि आदि के कारण शुभ या अशुभ प्रभाव देते हैं। साथ ही विभिन्न उपायों के माध्यम से प्राय: विभिन्न ग्रहों को अपने अनुकूल बनाया जा सकता है। इसी तरह बृहस्पति ग्रह भी है, जिन्हें गुरु ग्रह भी कहा जाता है। यह ग्रह पितामह, पति, पुत्र, ब्राह्मण, शिक्षक, कर्तव्य, रथ, गौ, प्यादा, सेना, शुभ कार्य, दूसरों के विचारों को भांप जाना, परोपकार, पीला रंग आदि…

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हाथ की रेखाएं बताती है संतान होगी या नहीं

santan rekha

हाथ की रेखाओं से जाने संतान होगी या नहीं हस्तरेखा विशेषज्ञ जानते हैं कि संतान के बारे में अत्यधिक प्रश्न पूछे जाते हैं, परन्तु प्रायः इनका सही उत्तर देना कठिन होता है। संतान योग है या नहीं? कितने पुत्र और कितनी पुत्रियां? इन प्रश्नों के उत्तर हर माता-पिता जानना चाहते हैं। इन प्रश्नों के उत्तर ज्योतिष विज्ञान में अपेक्षाकृत सरल है पर हस्त रेखाओं से इनके उत्तर देने में अत्यधिक सावधानी की जरूरत होती है। संतान योग बताने से ज्यादा कठिन होता है संतान की संख्या बताना और फिर पुत्र…

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रुद्राक्ष क्या है, रुद्राक्ष कितने प्रकार के होते हैं? व रुद्राक्ष पहनने के लाभ

rudraksha

रुद्राक्ष क्या है, रुद्राक्ष कितने प्रकार के होते हैं? व रुद्राक्ष पहनने के लाभ रुद्राक्ष धारण करने के नियम रुद्राक्ष धारण करने के लाभ मुखों के अनुसार रुद्राक्ष तथा उनके लाभ रुद्राक्ष क्या है रुद्राक्ष भगवान शंकर की एक अमूल्य और अद्भुत देन है। इसको पहन कर हम जहां आध्यात्मिक रूप से उन्नति कर सकते हैं। इसको पहन कर सांसारिक दुखों एवं बाधाओं से भी छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं। शिव पुराण, लिंग पुराण, पद्म पुराण तथा अन्य पुराणों एवं धार्मिक ग्रंथों में रुद्राक्ष की महानता का वर्णन किया गया…

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जानिए, आपकी यात्रा कैसे बने ‘मंगलमय’

Happy journey tips according to jyotish in hindi

जानिए, अपनी यात्रा की दिशा के अनुसार शुभ दिन यात्रा पर निकलने से पूर्व शुभ मुहूर्त पर विचार करने की परंपरा सदियों से रही है । आज भी लोग इस नियम का पालन करते हैं, ताकि उनकी यात्रा मंगलमय हो । ऐसे कुछ नियम आप भी जाने रविवार को किस दिशा में यात्रा करनी चाहिए * रविवार को आप पूर्व, उत्तर व आग्नेय ( दक्षिण-पूर्व ) दिशा में यात्रा कर सकते हैं, मगर पश्चिम, वायव्य (उत्तर-पश्चिम) में सफर करने से बचें । इस दिन दलिया व घी खाकर यात्रा करें…

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हकीक रत्न के फायदे

हकीक रत्न के फायदे

हकीक दिलाता है हक धरती पर मिलने वाले कई पत्थर और रत्नों में हकीक का अलग ही महत्व है। यह लाल, पीले व सफेद आदि कई रंगों में पाया जाता है। इसकी लोकप्रियता की एक वजह इसका सस्ता व आसानी से सुलभ होना भी है। विशेष रूप से नर्मदा और गोदावरी नदी के तल में पाए जाने वाले हकीक को हक दिलाने वाला पत्थर माना जाता है। जिस हकीक में सफेद पट्टीयां पाई जाती हैं उसे सर्वश्रेष्ठ और सुरक्षात्मक माना जाता है। ● इस रत्न के बारे में यह भी…

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पुखराज धारण करने के लाभ । Benefits of Pukhraj Gemstone in Hindi

पुखराज धारण करने के लाभ । Benefits of Pukhraj Gem in Hindi

पुखराज से बढ़ता है यश पुखराज व्यापार करने वालों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। यही वजह है कि इसे व्यापारी स्टोन भी कह दिया जाता है। इसे धारण करने वाले व्यक्ति के रुके हुए कार्यों के दोबारा शुरू होने की संभावना बढ़ जाती है। पुखराज एक मूल्यवान खनिज रत्न है। इसके उपरत्न है पीला हकीक, सुनहला, पीला गोमेद, बैरुज अदि। इसे गुरु रत्न भी कहा जाता है और इसका स्वामी बृहस्पति है। पुखराज हीरा और माणिक्य के बाद सबसे कठोर रत्न है। इसके रासायनिक विश्लेषण में इसमें एल्यूमिनियम…

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