आध्यात्मिक कहानी । यह दौलत किस काम की

adhyatmik kahani in hindi

एक संत थे जो घूम घूम कर लोगों को श्रीमद् भागवत और राम कथा सुनाया करते थे । एक कथा सुनाने के लिए एक लाख रूपया लेते थे । एक रोज संत के पास एक भगवान का भक्त आया और संत से बोला मैं अपने गांव में अपने लोगों को आप के मुख से राम कथा सुनवाना चाहता हूं । मगर मेरे पास देने को फूटी कौड़ी नहीं है । क्या आप हमारे गांव वालों को मुफ्त में कथा सुनाने को चलेंगे । संत मुफ्त में कथा सुनाने के लिए…

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सेहत की संजीवनी ब्रह्म मुहूर्त

Sun rise

ब्रह्म मुहूर्त में उठने के फायदे   प्रातः 4:00 बजे से 5:30 बजे तक के समय को ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं । ब्रह्म मुहूर्त का नाम ‘ब्रह्म’ शब्द से पड़ा है, जिसका अर्थ शास्त्रों में ज्ञान की देवी सरस्वती बताया गया है । यह समय वेद अध्ययन, योगाभ्यास और ध्यान आदि आध्यात्मिक क्रियाओं के लिए विशेष उपयोगी है । वेदों में कहा गया है की इस बेला में जगने वाले व्यक्ति के पास शारीरिक और मानसिक रोग नहीं भटकते । ऐसा व्यक्ति तेज युक्त होता है । ऐसे लोगों की…

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Adhyatmik drishtant : जिंदिगी एक नाटक है

raja harishchandra

राजा हरिश्चंद्र ने जब अपना राज्य विश्वामित्र को दान दे दिया तब राजा हरिश्चंद्र की रानी तारा कहने लगी राजन हमने तो राज्य का पूरा सुख लिया ही नहीं और आपने दान कर दिया । तब राजा ने कहा हे रानी! जब राज हमारे पास था हम राज्य का नाटक करते रहें । यह राज्य पहले ही हमारा नहीं था और आगे भी हमारा नहीं रहेगा । हम राज्य का दान करके हम सब चिंताओं से मुक्त हो गए हैं । जितना समय हमने राज्य करना था वह पूरा हो…

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असली बादशाह कौन है ? { आध्यात्मिक कहानी 6 }

आध्यात्मिक कहानी

एक लड़का पृथ्वी पर लेटा हुआ था और उधर बादशाही की सवारी आ रही थी । तब वजीर ने कहा बच्चे एक तरफ हट जा । बादशाह की सवारी को आगे जाने दे । तब बच्चे ने कहा कौन बादशाह कैसा बादशाह । अरे उस बादशाही में भय का डेरा लगा हुआ है जो बचपन कुमार, जवानी अशांत रहने वाला कैसे बादशाह हो सकता है । बच्चे ने कहा बादशाह तो मैं हूं । वह तो जन्मने मरने वाला ताश का बादशाह है । आज बादशाही इसके पास है कल…

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एक राजा के आत्मज्ञान की कहानी { आध्यात्मिक कहानी 5 }

एक राजा के आत्मज्ञान की कहानी - आध्यात्मिक कहानी

में अजर अमर अविनाशी ज्ञान की अमिट रोशनी हूँ । मेरे ज्ञान की रोशनी सदा एकरस रहती हुई संसार को प्रकाशवान करती है एक राजा जंगल में घर का रास्ता भूल गया । सामने देखा एक तालाब था । उस तालाब के किनारे एक महात्मा तपस्या कर रहे थे । राजा ने सोचा मैं पहले तालाब में स्नान करके शरीर को पवित्र कर लूं फिर महात्मा के पास जाकर ज्ञान ध्यान की बातें सुनू । राजा ने कपड़े उतारकर जब तालाब में गोता लगाया तो उसे ऐसा मालूम हुआ कि…

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गुरु ने सिखाया राजा को अंतरात्मा का ज्ञान { आध्यात्मिक कहानी 4 }

गुरु ने सिखाया राजा को अंतरात्मा का ज्ञान

प्रेरणाप्रद आध्यात्मिक दृष्टांत   एक राजा के पास राजा के गुरु आये । राजा ने बड़ा आदर सत्कार किया । एक बड़ी सर्वरा की थाली लेकर सुंदर रेशमी कपड़े और रेशमी जूता और धन थाली में डालकर गुरुदेव के सम्मुख रखा । तब गुरुदेव ने कहा राजन यह सामान किस के लिए है तब राजा ने कहा प्रभु यह आपके अर्पण हैं । तब गुरु ने मन ही मन सोचा हम संन्यासी हैं । हमारा इस सामान से क्या लेना-देना । चलो इस बदले राजा को कुछ विचार देना चाहिए…

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बसंत पंचमी के दिन पीले फूलों से करें मां सरस्वती की पूजा

“बसंत पंचमी के दिन पीले फूलों से करें मां सरस्वती की पूजा”

जानिए बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की पूजा क्यों की जाती है ।     बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से उपासक कुशाग्र बुद्धि के होते हैं और माता की प्रेरणा से उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में कई परेशानियों पर विजयश्री मिल जाती है । पूजन में सरस्वती जी को समर्पित मंत्रों का जोर से उच्चारण भी करना चाहिए विद्या की देवी सरस्वती अध्ययन के साथ-साथ कला व संगीत की भी अधिष्ठात्री हैं । यदि किसी मुर्ख पर भी उनकी कृपा बरस जाए, तो वह व्यक्ति…

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घर को खुशहाल रखें हरे-भरे पौधे

घर को खुशहाल रखें हरे-भरे पौधे

घर या ऑफिस में पौधे लगाने से न सिर्फ हमारा स्वस्थ अच्छा रहता है, बल्कि हमारी कार्यप्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है । वास्तुशास्त्र में पौधों को भी विशेष स्थान दिया गया है, फिर चाहे ये पौधे घर में हो या बाहर । अगर आपका कमरा फूलों और पौधों से भरा है, तो वहां के वातावरण में नमी रहती है, साथ ही हवा से ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है । इसके अलावा घर में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य आदि पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है । विशेषकर…

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प्रार्थना के श्लोक दूर करें शोक

प्रार्थना के श्लोक दूर करें शोक

भले ही स्नान हो या भोजन या संध्या में दीपक जलाने का कार्य हो । हर काम के दौरान देवी-देवताओं की स्तुति कर ली जाए, तो उस कार्य का उद्देश्य सफल होता है । श्लोक हो या मंत्र हमारे जीवन में दोनों का महत्व है । यदि हर दिन अपने हर काम से पहले यदि भगवान की स्तुति की जाए या किसी श्लोक का वाचन किया जाए, तो निश्चित रूप से इसका लाभ मिलता है । शास्त्रों में भी किसी महत्वपूर्ण कार्य से पूर्व श्लोक या मंत्रों का उच्चारण करने…

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खानपान में जरुरी है संयम

खानपान में जरुरी है संयम

शुद्ध सात्विक और स्वास्थ्यप्रद भोजन करने से न सिर्फ शारीरिक विकास सही रहता है, बल्कि हमारी सोच भी इससे प्रभावित होती है । संयमित जीवन के लिए स्वस्थ आहार यानी खानपान की आवश्यकता होती है । कहते हैं, जैसा खाओगे,वैसा ही सोचोगे । भोजन यदि जीवन रक्षा के लिए किया जाए, तो वह आनंदप्रद होता है, अन्यथा उसके द्वारा अधिक से अधिक जितनी हानि हो सकती है, होती है । वास्तव में हमें जीने के लिए खाना चाहिए, ना कि खाने के लिए जीना । जो लोग खाने के लिए…

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