होलिका दहन के दौरान करें ये लाभकारी प्रयोग

होलिका दहन का विशेष महत्व-   रंगो का त्योहार कहा जाने वाला होलिकोत्सव पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है । पहले दिन यानि फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका जलाई जाती है, जिसे होलिका दहन कहते हैं । मान्यता है कि इससे दुष्ट आत्माओं का नाश होता है और वातावरण में शुद्धता आती है । इस दिन छोटे बड़े सभी एक दूसरे पर रंग, अबीर और गुलाल डालकर गले मिलते हैं । पुराणों के अनुसार असुरराजा हिरण्यकशिपु की बहन, जिसे अग्नि द्वारा न जलने का वरदान प्राप्त था…

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वृक्षारोपण के लाभ पर निबंध – Benefits of Planting Trees Essay in Hindi

Benefits of Planting Trees Essay in Hindi

वृक्षारोपण के लाभ पर निबंध – Benefits of Planting Trees Essay in Hindi प्रस्तावना वृक्षारोपण पृथ्वी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वृक्षारोपण का सबसे बड़ा लाभ वातावरण के लिए है जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक होता है। इसके अलावा, वृक्षारोपण से जैव विविधता के लिए जरूरी वनों की संरचना बढ़ती है और जलवायु नियंत्रण भी सुधरता है। वृक्षारोपण के बिना हमारी पृथ्वी एक अधीर और अशुद्ध जगह बन जाती है। यह न सिर्फ जलवायु परिवर्तन को तेजी से बढ़ाता है, बल्कि धरती पर रहने वाले सभी प्राणियों के लिए…

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फिर भी नहीं रुका अमन । हिंदी प्रेरक कहानी

हिंदी प्रेरक कहानी- फिर भी नहीं रुका अमन   अमन मात्रा आठ साल का था शरीर पर आधा-अधूरा, फटा-चिथड़ा कपड़ा था । ऊपर से कड़ाके की ठंडी सुबह पांच बजे ही एक प्लास्टिक का बोरा लेकर रेलवे स्टेशन की ओर चल पड़ा । ट्रैक पर जो भी कूड़ा-कबाड़ था, उसे बोरे में भर लिया । अमन चुने हुए कूड़े को ले जाकर हर दिन बेचता था । उससे जो भी पैसे मिलते, अपनी मां को दे देता । घर में मां के अलावा एक छोटी बहन भी थी । पिता…

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आध्यात्मिक कहानियां । Spiritual Stories in hindi

आध्यात्मिक कहानियां । Spiritual Stories in hindi

आध्यात्मिक कहानी 1 – 卐 जीवन का सार यही है 卐   हसन सूफी संत थे । एक बार एक व्यक्ति उनके पास आया तथा बोला, ‘मुझे आप जीवन का सार बताइए, मैं जीवन दर्शन का इच्छुक हूं । संत ने जवाब दिया ‘यहां से थोड़ी दूर एक कब्रिस्तान है, वहां जाओ तथा कब्रों में सोए लोगों पर पत्थर फेंककर व गालियां देकर आओ ।’ उस व्यक्ति ने वैसा ही किया । तब हसन पुनः उस व्यक्ति से बोले, ‘अब तुम फिर उस कब्रिस्तान में जाओ व कब्रों पर मोमबत्तियां…

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Motivational story: खुद भी प्रशंसा के पात्र बनो

sachin tendulkar

यह प्रसंग उस महान क्रिकेटर के बारे में है, जिसे क्रिकेट का भगवान कहा जाता है, जो क्रिकेट जगत में सूर्य के समान इकलौता व चमकदार है, आज जिनके नाम से क्रिकेट की शुरुआत होती है और उनके नाम से ही खत्म भी होती है । ये है सचिन रमेश तेंदुलकर । किशोर उम्र के सचिन उन दिनों शारदाश्रम स्कूल की जूनियर टीम में खेला करते थे । उनके साथ 12 वर्ष की उम्र में एक घटना हुई, जिसने उनकी सोच को परिवर्तित करके रख दिया । उनके गुरु आचरेकर…

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देश की मिट्टी – प्रेरणादायक कहानी

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वह रोज भीख मांग कर अपना गुजारा चलाता था । एक दिन उसे शहर में एक बुद्धिमान अमीर का पता चला, जिसे अपने धन पर घमंड भी था । वह उसके दर पर पहुंच गया । वह अमीर से बोला, ‘मैंने आपकी बुद्धि और दया के किस्से सुने हैं । इसी आशा से आपके पास आया हूं ।’ अमीर बोला, ‘बाबा मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं?, भिखारी बोला, ‘ऐ मालिक आप इस पूरी धरती में जिसे सबसे ज्यादा अनमोल समझते हैं, उसे मेरे कटोरे में डाल दीजिए ।’…

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नैतिक कहानी । धूर्त बन्दर और कछुआ

monke turtle

धूर्त बन्दर और कछुआ – Kids Story in hindi एक जंगल में कछुआ और बन्दर रहते थे । दोनों की गरही दोस्ती थी । कछुआ सीधा-साधा था, जबकि बन्दर घमंडी और उत्पाती था । एक दिन कछुए ने नदी में एक केले के पेड़ को देखा । उसने बन्दर से कहा, ‘दोस्त, हम उस केले के पेड़ को वहां से लेकर अपने बगीचे में लगते है और जो फल होंगे, उसे आपस में बांट लेंगे ।’ बन्दर भी सहमत हो गया । दोनों ने पेड़ को अपने बगीचे में लगा…

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नैतिक कहानी । राजू ने समझी माँ के त्याग की कीमत

Moral Story in hindi

A Moral Story in hindi   एक शहर में राजू का सबसे खास दोस्त विनोद था । विनोद थोड़ा अमीर था और उसे जेब खर्च के रूप में काफी पैसे मिलते थे । राजू की माँ एक फैक्ट्री में काम करती थी और उसी की कमाई से उनका घर चलता था । ऐसे में राजू को सीमित जेब खर्च ही मिल पता था । वह अक्सर अपनी माँ से शिकायत करता , ‘माँ मुझे भी दूसरे बच्चो की तरह खिलोने चाहिए । आप मुझे पैसे क्यों नहीं देती ?’ राजू…

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Motivational Stories in hindi for success

Motivational Stories in hindi for success

(1) पारंगत होने का एक ही उपाय है -लक्ष्य में तन्मय हो जाना एक लोहार बढ़िया बाण बनाने के लिए प्रसिद्ध था । अपनी प्रवीणता में उसे ख्याति प्राप्त थी । एक दूसरा लोहार बालक वैसे ही बाण बनाने की विद्या सीखने के लिए उनके पास पहुँचा । कुछ दिन रहा भी । एक दिन धूमधाम से बारात सामने निकल रही थी । बाजे बज रहे थे । लोहार ने अपनी तन्मयता में तनिक भी अंतर न आने दिया । पर वह सीखने वाला लड़का बारात देखने चला गया ।…

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भक्त ध्रुव की ध्रुव तारा बनने की पौराणिक कथा

bhakt dhruv story

भक्त ध्रुव की पौराणिक कथा   राजर्षि मनु के पुत्र उत्तानपाद की दो स्त्रियाँ थी, सुरुचि और सुनीति । सुरुचि के पुत्र का नाम उत्तम था और सुनीति के पुत्र का नाम ध्रुव । एक दिन उत्तम अपने पिता उत्तानपाद की गोद में बैठे थे । इतने में ध्रुव भी पिता के पास आये और उनकी गोद में बैठना चाहा । उत्तम की माता सुरुचि के डर से उत्तानपाद ने ध्रुव को गोद में उठाने के लिए हाथ तक न बढ़ाया और सुरुचि ने तो ध्रुव को ताना मारा ।…

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