व्यवसाय या उद्योग में सफलता पाने के लिए, जानें बिजनेस में असरदार ग्रहों की चाल

tricks of succeed in business

एस्ट्रोलॉजी के अनुसार जानें व्यवसाय या उद्योग में सफल होने के ट्रिक्स

 
अक्सर ऐसा होता है कि व्यवसाय या उद्योग में सफलता पाने के लिए या अच्छी आय के लिए तकनीकी सहायता य सलाह अथवा दूसरी कंपनियों से गठजोड़ किया जाता है । दूसरे शब्दों में कहे, तो इसे पार्टनरशिप कहा जाता है । पर इसके साथ ही कई सवाल भी हमारे सामने आते हैं । मसलन क्या यह गठजोड़ सफल होगा ? क्या इस लंबी अवधि तक फायदा मिलेगा ? या फिर यह व्यवसायिक गठबंधन सफलता की ओर ले जाएगा?

यह सारी बातें किसी भी कंपनी या व्यक्ति के लिए मायने रखती है । इसलिए अधिकांश व्यक्ति इन बातों पर गौर करने से पहले ज्योतिषशास्त्र का सहारा लेते हैं । काफी हद तक यह सही भी है, क्योंकि ग्रह और नक्षत्रों से हमें पता चल सकता है कि आखिर हमारा व्यवसाय किसी की सहभागिता लेने पर सफल होगा या नहीं? किसी भी व्यवसाय में पार्टनरशिप की सफलता सूर्य की स्थिति पर निर्भर करती है ।

यदि कंपनी के मालिक य की कुंडली में सूर्य अच्छे भाव में है, तो इसमें प्रशासनिक गुण, अनुशासन, यश और प्रभावशाली संबंध बनाने की कला बेहतर होगी । इसके साथ ही यदि शुक्र का संयोग हो, तो वह भी टीम वर्क, पार्टनरशिप आदि बातों में सहयोग देता है । वहीं अगर उस व्यक्ति पर बुध का प्रभाव हो, तो उसमें बेहतर संप्रेषण कला, आत्मविश्वास आदि तथा बृहस्पति का प्रभाव होने पर उसमें अच्छी मार्केटिंग कला विकसित होगी ।

यदि चंद्र का प्रभाव कंपनी या उद्योग के मालिक पर हो, तो उसमें वित्तीय योग्यता अच्छी होगी और शनि की शुभता उसे तकनीकी मामलों का जानकार बना सकती है । इसी तरह मंगल की शुभता वाले व्यवसायी में ऊर्जा और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता चरम पर होती है । पर अगर ऐसे जातक की कुंडली में कोई ग्रह कमजोर पड़ जाए, तो उसका इसका प्रभाव उनकी निर्माण क्षमता पर भी पड़ सकता है । या फिर पार्टनर के साथ उनका विवाद होने से व्यवसाय को क्षति भी पहुंच सकती है ।

मसलन यदि सूर्य कमजोर स्थान में हो, तो यह उसे प्रतिष्ठा और धन हानि दोनों करा सकता है । जबकि यदि शुक्र या बुध कमजोर स्थान पर हो, तो उस व्यक्ति की संप्रेषण क्षमता कमजोर पड़ सकती है कुल मिलाकर ग्रहों का व्यक्ति की व्यवसाय क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है ।

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