30 Desh Bhakti Shayari in Hindi | देश भक्ति शायरी

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गणतंत्र दिवस के बारे में थोड़ा सा जानकारी देते हुए हम आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है, गणतंत्र दिवस भारत की आजादी के बाद 26 जनवरी 1950 से प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। इस दिन भारत का अपना संविधान लागू हुआ था और भारत एक लोकतंत्र देश बन गया था और इस अवसर पर सरकारी अवकाश होता है।यह स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती सहित भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक हैं। मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में इंडिया गेट राजपथ पर मनाया जाता है। इस दिन लोग एक-दुसरे को गणतंत्र दिवस (republic day) की शुभकामनाएं Desh Bhakti Shayari in Hindi आदि के द्वारा देते है।

आईये हम आपको गणतंत्र दिवस से संबंधित नवीनतम देश भक्ति शायरी शेयर कर रहे है जिन्हे आप अपने फ्रेंड और रिश्तेदारों को शेयर कर गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दे सकते है।


Desh Bhakti Shayari

1-

तिरंगा है आन मेरी
तिरंगा ही है शान मेरी
तिरंगा रहे सदा ऊँचा हमारा
तिरंगे से है धरती महान मेरी।।


Desh Bhakti Shayari

2-

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है। 
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है ।।


Desh Bhakti Shayari

3-

देश के लिए मर मिटना कुबूल है हमें
अखंड भारत के सपने का जूनून है हमें।।


Desh Bhakti Shayari

4-

सो गया अपनी भारत माँ के लिए ,माँ मुझे अपने आंचल में तुम भी छुपा लो !
हाथ अपना फेर कर मेरे बालों में , फिर से बचपन की लोरिया सुना दो !! ??
I love my india


happy republic day

5-

समय आ चूका है अब,
सभी को साफ़ साफ़ कहना होगा। 
देशभक्ति की प्रबल धारा में,हर मन को अब बहना होगा। 
जिसे लगे ये पराया तिरंगा,मेरा वतन छोड़ जाए
यहाँ तो भारतीय बनकर रहना होगा ||


happy republic day

6-

अब तक जिसका खून न खौला
वह खून नही पानी है
जो वतन के काम न आए
वो बेकार जवानी है !!

7-

मुझे न तन चाहिए न मन चाहिए
अमन से भरा यह वतन चाहिए। 
जब तक जिन्दा रहू इस मातृभूमि के लिए
और मरु तो तिरंगा कफन चाहियें !!

8-

हमे नशा तिरंगें कीं आंन का हे,
कुछ नशाँ मातृभूमि कीं शांन का हे
लहरायेगें यें तिरंगां,
नशा ये भारत माँ के शांन का हे !!

9-

जिन्हें प्यार है मातृभूमि से, वो अपना खून बहाते हे
माँ की चरणों में अपना प्राण न्यौछावर करते हे
देश के लिए हसते हसते अपनी जान दे देते है
वहीँ सपूत अंत में अमर शहीद कहलाते है !!

10-

हर वक़्त मेरी आँखो मे मातृभूमि का सपना हो,
 जब कभी मरू तो तिरंगा मेरा कफ़न हो।।  
और कोई तमन्ना नही है जीवन मे , 
जब कभी भी जन्म लू तो भारत मेरा वतन हो ।।

11-

आज सलाम है उन वीरों को,
जिनके कारण ये दिन आता है। 
वो माँ भी खुशनसीब होती है,
बलिदान जिसके बच्चों का देश के काम आता है।।

12-

ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई,
लेकिन वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता।
नोटों में लिपटकर, सोने में सिमट कर मरे हैं कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता।।

13-

कतरा कतरा दे दूंगा अपने वतन के लिए,
रात और दिन बॉर्डर पर पहरा दूंगा अपने वतन के लिए।। 
ये कुर्बानी है मेरी मेरे देश के लिए,
जरुरत आने पर अपनी जान भी दूंगा अपने वतन के लिए।।

14-

सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है
देखना है जोर कितना बाजु ए कातिल में है।।

15-

चलो फिर से खुद को जगाते हैं
अनुशासन का डंडा फिर से घुमाते हैं
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहू से
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं।।

16-

मैं इसका हनुमान हूँ
ये देश मेरा राम है।। 
छाती चीर के देश लो
अंदर बैठा हिंदुस्तान है।।

17-

मुकुट हिमालय
हृदय में तिरंगा
आँचल में गंगा लायी है। 
सब पुण्य, कला और
रत्न लुटाने देखो
भारत माता आयी है।।

18-

ना मरो सनम बेवफा के लिए
2 गज जमीन नहीं मिलेगी दफन के लिए। 
मरना है तो मरो अपने वतन के लिए
हसीना भी दुपट्टा उतार देगी कफ़न के लिए!!

19-

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे। 
बची है जो एक बूंद लहू की तब तक,
भारत माता का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे।।

20-

ना जियो धर्म के नाम पर
ना मरो धर्म के नाम पर
इंसानियत ही धर्म वतन का
बस जिओ वतन के नाम के नाम पर!!

21-

कोई हस्ती कोई मस्ती
कोई चाह पे मरता है..
कोई नफरत कोई मोहब्बत
कोई लगाव पे मरता है।। 
ये देंश है उन दिवानों का
यहां हर बन्दा ,अपने हिंदुस्तान पे मरता है।।

26-

जनवरी गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।।। 
22-कांटो में भी फूल खिलाए
इस धरती को स्वर्ग बनाएं
आओ सबको गले लगाएं
हम गणतंत्र का पर्व मनाए!!

23-

अलग है भाषा, धर्म जात,
और प्रांत, भेष, परिवेश। 
पर हम सब का एक ही गौरव है,
राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ।।

24-

मैं तो सोया था गहरी नींद मैं
सरहद पर था जवान जगा रात सारी। 
ये सोच कर नींद मेरी उड़ गयी
जवान कर रहा रक्षा हमारी।।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं.।।।

25-

जिसे सींचा लहू से है वो यूँ खो नहीं सकती,
सियासत चाह कर विष बीज हरगिज बो नहीं सकती।।  
वतन के नाम पर जीना वतन के नाम मर जाना, 
शहादत से बड़ी कोई इबादत हो नहीं सकती।।।

26-

कदम जो देश हित में चला हो,उस 
पर कभी अफ़सोस मत करना कोई 
साथ दे न दे, पर तुम गद्दारी मत करना।।

27-

वो शमा जो काम आये अंजुमन के लिए,
 वो जज्बा जो कुर्बान हो जाये वतन के लिए,
 रखते है हम वो हौसले भी जो मर मिटे हिंदुस्तान के लिए..।।

28-

देश के वीर जबानों की होली याद है,
क्या क्या हुआ था हम सबके साथ सब का हिसाब है । 
स्वतंत्रता मिली थी मुश्किल से
गणतंत्र है हमारा अधिकार जिसका जवाब है।।

29-

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान,
सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास। 
इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास।। 
गणतंत्र दिवस की बधाई !

30-

आओ देश का सम्मान करे, 
शहीदों की शहादत याद करे। 
एक बार फिर से राष्ट्रा की कमान हम हिन्दुस्तानी अपने हाथ धरे, 
आओ.. गणतंत्र दिवस का मान करे।।।

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