पौधे लगाने का सम्बन्ध किसी उम्र से नहीं होता

Planting does not relate to any age

 
मेरे प्यारे दोस्तों नमस्कार मै आज पौधे लगाने के महत्व के बारे मै आप सभी लोगो को बताऊंगा । और ये भी बताएगे की पौधे लगाने का सम्बन्ध किसी उम्र से नहीं होता । हम सभी कही न कही जनजीवन और वातावरण के सम्पर्क मै रहते है । तो हमारा यह कर्तव्य भी बनता है की हम अपनी इस वातावरण जैसी अनमोल धरोहर के प्रति सजग रहे । और ऐसा कुछ न कुछ वातावरण को शुद्ध रखने के लिए करते रहे जिससे कि वायु, जल और थल तीनो चीज हमारी शुद्ध बानी रहे ।

मै आप सभी को एक मेरे साथ हुई घटना के बारे मै बताता हूँ जिससे आपको भी शायद ये बात समझ मै आ जाये कि पौधे लगाना हम सभी के लिए कितना जरुरी है ।

जब मै 8th क्लास मै पढता था तो मै गर्मियों की छुट्टियों मै अक्सर अपने गांव आ जाता था क्योंकि वहा पर हमारे दादा, दादी, चाचा सभी लोग रहते है और हमारे दादाजी को पौधे लगाने का बहु शौक था । हमारे गाँव मै हमारे पुस्तैनी खेती भी है जो की सड़क के किनारे पर है मै जब भी गर्मियों मै गांव आ जाता था तो मेरा मन ही नहीं करता था गांव से वापस आने का जिसकी वजह से मेरे पापाजी मुझे जुलाई के लास्ट तक अपने पास पढाई की वजह से ले जाते थे । तो जुलाई के आते ही बरसात का मौसम शुरू हो जाता है बरसात के मौसम मे पौधे लगाना बहुत ही अच्छा होता है क्योंकि बरसात का पानी पोधो के लिए अमृत के सामान होता है और पौधे भी आसानी से उग आते है ।

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मेरे दादाजी बरसात के मौसम मे हमेसा पौधे लगाया करते थे हमारे खेत के पास पुराने आम के पेड़ भी है वो शायद काफी पुराने होंगे । लेकिन बरसात के मौसम मे जब मे वहाँ होता था तो दादाजी अक्सर मुझसे पौधे लगवाया करते थे ।

एक दिन जब मे और मरे दादाजी आम के पेड़ लगा रहे थे तभी एक साईकिल सवार सड़क से होकर जा रहा था । तो घना आम का पेड़ जो की हमारे खेत के किनारे लगा हुआ था उसके नीचे रुक गया और हम लोगो को देखने लगा । उस समय धूप थोड़ी तेज हो रही थी । तो वो साईकिल सवार जिसकी उम्र करीबन तीस साल की होगी वो हमारे दादा जी से कहने लगा की अरे बाबा जी आप इन आम के पौधो को क्यों लगा रहे हो आप की ऐज इतनी है की पता नहीं आप कब चल बसों गे ये आम के पौधे आप के तो कोई काम के नहीं है । तो हमारे दादा जी ने मुस्कराते हुए उस सइकिल सवार से कहा- अगर बुजुर्गो ने यही सोचा तो आज तुम जिस आम के पेड़ के निचे खड़े होकर धूप से बच कर थकन दूर कर रहे हो वो पेड़ सायद इस सड़क के किनारे न खड़ा होता तो तुम्हे धूप से बचने के लिए दूर-दूर तक कोई पेड़ न होता । तो वो साईकिल सवार शर्मिन्दा होकर निगाह निचे करके और वो बिना कुछ कहे चला गया ।

यह घटना मुझे आज भी याद है । उसदिन से मुझे समझ आगया कि पौधे लगाना हमारे लिए कितना आवश्यक है । चाहे उम्र कोई भी हो । तो आप लोग भी यह समझ गए होंगे पौधे लगाना हमारे लिये कितना जरूरी है ।

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